DG जेल का कार्यकाल खत्म, हरियाणा में नई जिम्मेदारी को लेकर सरकार मंथन में

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सेवा विस्तार आज समाप्त, DGP पैनल से अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देने पर विचार

हरियाणा में जेल विभाग के महानिदेशक (DG जेल) के सेवा विस्तार का कार्यकाल आज औपचारिक रूप से पूरा हो गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार के सामने अब इस अहम पद पर आगे की व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लेने की चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासनिक गलियारों में नए नाम को लेकर मंथन तेज हो गया है और आज ही इस संबंध में निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार फिलहाल स्थायी नियुक्ति की बजाय अंतरिम व्यवस्था पर विचार कर रही है। चर्चा है कि DGP पैनल में शामिल किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को DG जेल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है। इससे जेल प्रशासन का कामकाज प्रभावित न हो और व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।

हरियाणा में जेल विभाग एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है। कैदियों की सुरक्षा, सुधारात्मक गतिविधियां, जेलों में सुविधाएं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां DG जेल के अधीन आती हैं। ऐसे में इस पद पर लंबे समय तक खालीपन रखना सरकार के लिए व्यावहारिक नहीं माना जा रहा।

बताया जा रहा है कि गृह विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर संभावित नामों पर चर्चा चल रही है। प्रशासनिक अनुभव, वरिष्ठता और कानून-व्यवस्था संभालने की क्षमता को आधार बनाकर विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि अतिरिक्त प्रभार देने से अन्य विभागों के काम पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

राज्य में पहले भी कई अहम पदों पर स्थायी नियुक्ति से पहले अतिरिक्त चार्ज की व्यवस्था की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्थायी DG जेल की नियुक्ति नहीं होती, तब तक यह व्यवस्था कारगर साबित हो सकती है।

अब सभी की नजरें आज होने वाले सरकारी फैसले पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि दिन के अंत तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि जेल विभाग की कमान किस अधिकारी को सौंपी जाती है और आगे की प्रशासनिक दिशा क्या होगी।c

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