वरिष्ठ उपाध्यक्ष का बयान—अध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) से जुड़े विवाद में ताजा घटनाक्रम सामने आया है। कमेटी के कुछ सदस्य सिख न्यायिक आयोग के समक्ष पेश हुए, जहां संगठनात्मक कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई हुई। इस मामले में अब 25 फरवरी को निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क और दस्तावेज प्रस्तुत किए। आयोग ने संबंधित रिकॉर्ड और प्रक्रियात्मक पहलुओं की समीक्षा की। मामले को लेकर कमेटी के भीतर भी हलचल बनी हुई है, क्योंकि संभावित निर्णय का असर नेतृत्व संरचना पर पड़ सकता है।
कमेटी के वरिष्ठ उप-प्रधान ने बयान जारी करते हुए कहा कि संगठन की मर्यादा और पारदर्शिता सर्वोपरि है। उन्होंने संकेत दिया कि अध्यक्ष के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई पर भी विचार हो रहा है और अंतिम फैसला आयोग के आदेश पर निर्भर करेगा। उनके बयान से स्पष्ट है कि आंतरिक अनुशासन और नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जा सकती है।
धार्मिक और प्रबंधकीय जिम्मेदारियों से जुड़े इस प्रकरण पर समुदाय की भी नजरें टिकी हैं। जानकारों का मानना है कि आयोग का फैसला भविष्य में कमेटी की कार्यशैली और निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
अब सभी की प्रतीक्षा 25 फरवरी के निर्णय पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितना दम है और आगे की प्रशासनिक दिशा क्या होगी।
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