जेल वार्डन आत्महत्या मामले में नया खुलासा, परिवार ने आरोप लगाए

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Sirsa jail warden

वार्डन पर कथित प्रताड़ना, पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

 

हरियाणा के सिरसा जिले में जेल वार्डन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आत्महत्या ने प्रशासन और पुलिस महकमे में नई हलचल पैदा कर दी है। मृतक वार्डन के परिवार ने हाल ही में मामले से जुड़े गंभीर आरोप मीडिया और अधिकारियों के सामने रखे हैं।

परिवार का दावा है कि वार्डन को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने बताया कि उसे दो घंटे तक खड़ा रहने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा, DSP के कथित इशारे पर एक जेल अधिकारी (LO) ने उसकी ड्यूटी जॉइन कराने में बाधा डाली। परिवार का कहना है कि इस तरह की प्रताड़ना लगातार जारी रहने से मानसिक तनाव चरम पर पहुंच गया, जिसने दुर्भाग्यपूर्ण घटना को जन्म दिया।

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई यह घटना जेल प्रबंधन और पुलिस विभाग दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम का गठन किया है, जो जेल रिकॉर्ड, ड्यूटी रोटेशन, गवाहों के बयान और CCTV फुटेज की पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टीम यह भी देख रही है कि क्या जेल वार्डन के खिलाफ अनुचित व्यवहार में किसी अधिकारी की भूमिका थी और उसे जानबूझकर प्रताड़ित किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। परिवार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सिरसा जेल वार्डन सुसाइड केस ने न केवल जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मानवाधिकारों और कर्मचारी सुरक्षा के मामलों को भी प्रमुखता से सामने लाया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे परिस्थितियाँ कितनी गंभीर थीं और किस हद तक अधिकारियों की भूमिका रही।

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