सिरसा में बिजली टावर विवाद को लेकर किसानों और ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय में उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला, तो वे टावर और बिजली की तारें उखाड़ने का आंदोलन शुरू करेंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन भी किया।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीनों पर बिजली टावर लगाए गए हैं, लेकिन उन्हें अब तक उचित क्लेम और मुआवजा नहीं मिला। उनका आरोप है कि कई बार अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी कारण अब आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया गया है।
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी जमीन के बदले उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनका कहना है कि बिना सहमति और उचित भुगतान के टावर लगाने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण लंबे समय से प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि इस दौरान उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि मुआवजा नहीं मिलने की स्थिति में बिजली टावरों और तारों को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार दावों और मुआवजे से जुड़े मामलों की जांच की जाती है और उसी आधार पर कार्रवाई होती है। यदि किसानों की ओर से कोई लंबित क्लेम है, तो उसका परीक्षण किया जाएगा।
फिलहाल सिरसा में बिजली टावर विवाद को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन और किसानों के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर टिकी हुई है, जिससे इस विवाद का समाधान निकल सके।
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