सिरसा के गांव जमाल में सोलर प्लांट ठेकेदार सुभाष बेनीवाल की गोली मारकर हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि तीन दिन पहले भी सुभाष पर फायरिंग हुई थी। इसकी शिकायत अधिकारियों को देने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं कराने की मांग रखी है।
चश्मदीद के मुताबिक, मंगलवार दोपहर वह सुभाष के साथ प्लांट के पास स्थित ऑफिस में बैठा था। सुभाष फोन पर प्लांट के अधिकारी से बात कर रहा था। इसी दौरान एक हमलावर गेट खोलकर अंदर आया और बिना कुछ कहे गोलियां चला दीं। तीन लोग बाहर खड़े थे। चश्मदीद ने बताया कि सुभाष पर दो गोलियां चलाई गईं, जबकि एक गोली उसके कान के पास से निकली। उसने भागकर अपनी जान बचाई।
मृतक के पिता बहादुर सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह प्लांट की ओर निकले। रास्ते में सुभाष को घायल अवस्था में अस्पताल ले जा रहे लोग मिले तो वह भी गाड़ी में बैठ गए। उनके अनुसार, शुरुआत में सुभाष बोल रहा था, लेकिन रंगड़ी गांव के पास उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में उसकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, सोलर प्लांट में काम और हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा था। पिता ने राकेश नामक युवक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने करीब 15 दिन पहले उनसे मिलकर किसी गंभीर घटना की चेतावनी दी थी। परिवार का यह भी आरोप है कि पिछले कई दिनों से गांव में बिना नंबर की गाड़ी घूम रही थी और सुभाष की रेकी की जा रही थी।
नाथूसरी चोपटा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि पिता के बयान पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों द्वारा बताए गए नामों की पहचान और आरोपियों की तलाश जारी है। शव अस्पताल में रखवाया गया है। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही है।
पुलिस के अनुसार, अविवाहित सुभाष चार बहनों का इकलौता भाई था। वह जमाल में निर्माणाधीन सोलर प्लांट में ठेकेदारी का काम संभाल रहा था।
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