हरियाणा के सोनीपत जिले में एक परिवार द्वारा अपनी प्रिय गाय की तेरहवीं पर आयोजित अनोखा कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार ने गाय के प्रति अपने स्नेह और सम्मान को व्यक्त करते हुए 11 गांवों के लोगों को सामूहिक भोज के लिए आमंत्रित किया। बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल हुए और दिवंगत गाय को श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि गाय उनके परिवार का अभिन्न हिस्सा थी और वर्षों तक उसने परिवार के साथ गहरा जुड़ाव बनाए रखा। इसी भावनात्मक संबंध के चलते उसकी तेरहवीं पर धार्मिक परंपराओं के साथ सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। आयोजन में आए लोगों को जमीन पर बैठाकर पारंपरिक तरीके से सब्जी, पूरी और अन्य व्यंजन परोसे गए।
परिवार का कहना है कि उनकी गाय को हलवा पसंद नहीं था, इसलिए उसकी पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से रसगुल्ले बनवाए गए। इस अनोखी बात ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और आयोजन की चर्चा पूरे क्षेत्र में फैल गई। उपस्थित लोगों ने इसे पशुओं के प्रति प्रेम, संवेदनशीलता और भारतीय संस्कृति में जीव-जंतुओं के सम्मान का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न कराए गए, जिसके बाद श्रद्धांजलि सभा और सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ। स्थानीय ग्रामीणों ने परिवार की इस भावना की सराहना करते हुए कहा कि पशु भी परिवार का हिस्सा होते हैं और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है।
यह आयोजन सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने इसे पशु प्रेम और मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अनोखी परंपरा के रूप में देखा। कुल मिलाकर, इस कार्यक्रम ने पशुओं के प्रति अपनापन, सेवा और सम्मान की भावना को एक बार फिर उजागर किया है तथा समाज में करुणा और संवेदनशीलता का संदेश दिया है।
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