सोनीपत में रिश्वत लेते SI और चाय विक्रेता पकड़े गए, ACB की रेड से बचने को छत से कूदा अधिकारी

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Sonipat News

सोनीपत में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के दौरान एक SI ने पकड़े जाने के डर से थाने की छत से छलांग लगा दी। ऊंचाई से गिरने के कारण उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। ACB की टीम ने SI और उसके साथ रिश्वत लेने में कथित तौर पर शामिल चाय विक्रेता को पकड़ लिया।

बताया जा रहा है कि ACB को शिकायत मिली थी कि SI किसी मामले में कार्रवाई करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत के आधार पर टीम ने मामले की जांच की और इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई।

आरोप है कि SI ने रिश्वत की रकम सीधे लेने के बजाय थाने के पास चाय की दुकान चलाने वाले व्यक्ति के माध्यम से लेने की व्यवस्था की थी। ACB टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर कार्रवाई की और रिश्वत लेने की प्रक्रिया पर नजर रखी।

जैसे ही ACB की टीम थाने में पहुंची, SI को कार्रवाई की भनक लग गई। बताया जा रहा है कि वह बचने के लिए थाने की छत की ओर भागा और वहां से नीचे कूद गया।

छत से गिरने के बाद SI के पैर में गंभीर चोट आई। ACB टीम ने उसे मौके से काबू किया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। उसकी मेडिकल जांच कराई गई है।

कार्रवाई के दौरान चाय विक्रेता को भी ACB ने पकड़ लिया। आरोप है कि वह SI के लिए रिश्वत की रकम लेने में कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।

ACB टीम ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। रिश्वत की रकम, बातचीत और ट्रैप से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

पुलिस विभाग में तैनात अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। ACB अब यह जांच कर रही है कि SI ने इससे पहले भी किसी अन्य व्यक्ति से रिश्वत की मांग की थी या नहीं।

शिकायतकर्ता के बयान और ट्रैप कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ACB दोनों आरोपियों से जुड़े संपर्क और लेनदेन की भी जांच कर सकती है।

चाय विक्रेता की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस और ACB यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि वह कितने समय से SI के संपर्क में था और क्या उसने पहले भी किसी मामले में रिश्वत की रकम पहुंचाने या लेने का काम किया था।

SI के छत से कूदने के कारण थाने में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि ACB टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और मामले से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित किए।

ACB की कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। आरोपी SI के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ विभागीय जांच भी हो सकती है।

भ्रष्टाचार के मामलों में ACB द्वारा ट्रैप कार्रवाई शिकायत के आधार पर की जाती है। ऐसे मामलों में रिश्वत की मांग और स्वीकार किए जाने से जुड़े साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं।

फिलहाल SI अस्पताल में उपचाराधीन बताया जा रहा है, जबकि चाय विक्रेता से भी पूछताछ की जा रही है। ACB पूरे मामले की जांच कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि रिश्वत की कितनी रकम मांगी गई थी, किस मामले में मांग की गई और दोनों आरोपियों की भूमिका कितनी थी।

सोनीपत में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा है। ACB ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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