हरियाणा के Sonipat में पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक युवक को गोली लगने की घटना के बाद परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार दिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई संदिग्ध हालात में की गई और मामले की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को एक संदिग्ध कार के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने वाहन को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने गोली चला दी, जिसमें एक युवक घायल हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके से उसके एक साथी को भी हिरासत में लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन में सवार लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते थे, जिसके चलते उन्हें रोकना जरूरी था। हालांकि, फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी और यदि कोई गलती पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, घायल युवक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक निर्दोष है और उसे जानबूझकर निशाना बनाया गया। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और इसे फर्जी एनकाउंटर बताया है।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी घटना को लेकर सवाल उठाए हैं और सच्चाई सामने लाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी। घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ दी है।
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