राष्ट्रीय राजमार्ग पर वन अपराध का खुलासा, तस्करी का अनोखा तरीका आया सामने

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Sonipat seizure

सब्जी लदे वाहन की आड़ में ले जाई जा रही थी प्रतिबंधित लकड़ी, कार्रवाई में बड़ी बरामदगी

सोनीपत जिले में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित लकड़ी की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन को रोका गया, जिसमें बाहर से देखने पर सब्जी की ढुलाई होती प्रतीत हो रही थी। लेकिन गहन तलाशी लेने पर वाहन से खैर लकड़ी के 243 टुकड़े बरामद किए गए, जिन्हें आलू के कट्टों के नीचे छिपाकर रखा गया था।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। जैसे ही संदिग्ध पिकअप को रोका गया, चालक के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। जब वाहन से आलू के कट्टे हटाए गए तो नीचे करीने से रखी गई खैर लकड़ी सामने आई। मौके पर ही आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और वाहन को जब्त कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खैर लकड़ी की यह खेप अवैध रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाई जा रही थी। खैर एक संरक्षित प्रजाति की लकड़ी मानी जाती है, जिसकी कटाई, परिवहन और बिक्री पर कड़े प्रतिबंध हैं। आरोपी के पास न तो लकड़ी से जुड़े कोई वैध दस्तावेज थे और न ही परिवहन की अनुमति।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अक्सर चेकिंग से बचने के लिए सब्जी या फल जैसी सामान्य वस्तुओं की आड़ लेते हैं। इस मामले में भी आलू के कट्टों का इस्तेमाल कर लकड़ी को छिपाया गया था, ताकि किसी को शक न हो।
आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अवैध कटाई और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई वन संरक्षण के साथ-साथ तस्करी नेटवर्क पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

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