लाइब्रेरी फंड खर्च पर सवाल, निदेशालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
Sonipat स्थित Deenbandhu Chhotu Ram University of Science and Technology (DCRUST) में लाइब्रेरी फंड के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय को पिछले तीन वर्षों में पुस्तकालय मद के तहत करीब 9 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। आरोप है कि इस राशि के खर्च में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं।
मामला उजागर होने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के अनुसार, लाइब्रेरी से संबंधित खरीद प्रक्रिया, ई-संसाधनों की सदस्यता, पुस्तकों की खरीद और अन्य मदों में खर्च को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं। आरोप यह भी है कि निर्धारित नियमों और पारदर्शिता मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
प्रारंभिक स्तर पर गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर सवाल खड़े किए हैं। कमेटी ने कुछ अधिकारियों और संबंधित सदस्यों की भूमिका पर संदेह जताते हुए जवाबदेही तय करने की सिफारिश की है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सभी खर्च नियमानुसार किए गए हैं और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि वित्तीय गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
इस मामले ने विश्वविद्यालय के भीतर पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। छात्र संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि संस्थान की साख पर आंच न आए।
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