जल विवाद पर फिर संवाद की पहल, चंडीगढ़ में हुई दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों की चर्चा

21
SYL Dispute

एसवाईएल मुद्दे पर हरियाणा–पंजाब के बीच बातचीत का नया दौर शुरू

सतलुज–यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद को लेकर हरियाणा और पंजाब के बीच एक बार फिर संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। चंडीगढ़ में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य टकराव की बजाय बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना बताया गया।

बैठक के बाद यह तय किया गया कि दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी आपसी संवाद के माध्यम से संभावित हल तलाशेंगे। अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा रास्ता निकालें, जिससे विवाद को आगे बढ़ने से रोका जा सके। यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि SYL विवाद दशकों से राजनीतिक और कानूनी स्तर पर उलझा हुआ है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक के दौरान स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी स्थायी समाधान से पहले नया जल समझौता होना जरूरी है। उनका कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों में पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और पुराने समझौतों की समीक्षा किए बिना आगे बढ़ना व्यवहारिक नहीं होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल संसाधनों की उपलब्धता और राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए।

वहीं हरियाणा की ओर से यह दोहराया गया कि राज्य को उसके हिस्से का पानी मिलना चाहिए और SYL नहर इस दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी है। हरियाणा सरकार का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और पूर्व समझौतों के आधार पर समाधान निकलना चाहिए। हालांकि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने संयमित भाषा का प्रयोग करते हुए बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक भले ही किसी ठोस नतीजे पर न पहुंची हो, लेकिन संवाद की निरंतरता अपने आप में सकारात्मक संकेत है। अधिकारियों के स्तर पर होने वाली बातचीत से यह तय होगा कि SYL विवाद आने वाले समय में सहयोग की दिशा में बढ़ेगा या फिर एक बार फिर कानूनी लड़ाई का रूप लेगा।

Loading