एक नेता ने दिया इस्तीफा, योगेश्वर दत्त और विजेंदर सिंह ने भी जताई नाराजगी; प्रदेशभर में आज विरोध प्रदर्शन
हरियाणा में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) एक्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े करते हुए झज्जर जिले में एक वरिष्ठ नेता ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। खास बात यह है कि केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान रखने वाले नेता भी इस मुद्दे पर मुखर नजर आ रहे हैं।
पूर्व सांसद और ओलंपियन योगेश्वर दत्त तथा पूर्व अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने भी UGC एक्ट को लेकर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं का कहना है कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था की स्वायत्तता को कमजोर करता है और राज्य सरकारों के अधिकारों में कटौती करता है। उनका तर्क है कि उच्च शिक्षा से जुड़े फैसलों में राज्यों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
झज्जर में पार्टी छोड़ने वाले नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व जमीनी कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। उन्होंने कहा कि UGC एक्ट छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालयों के हितों के खिलाफ है और इसके बावजूद पार्टी में असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया।
UGC एक्ट के विरोध में आज हरियाणा के कई जिलों में प्रदर्शन किए जाने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि इनमें शिक्षक संगठनों, छात्र संघों और कुछ राजनीतिक समूहों की भागीदारी भी होगी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस कानून को वापस लिया जाए या इसमें राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए संशोधन किया जाए।
भाजपा नेतृत्व की ओर से हालांकि अब तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस असंतोष को हल्के में नहीं ले रही। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
UGC एक्ट को लेकर बढ़ता विरोध यह संकेत दे रहा है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाना आसान नहीं है। यह देखना अहम होगा कि भाजपा इस अंदरूनी चुनौती से कैसे निपटती है और क्या कोई संवाद का रास्ता निकाला जाता है।
![]()











