हरियाणा के फरीदाबाद स्थित बड़खल झील एक बार फिर अपनी बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। झील के सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाने के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा। झील का बड़ा हिस्सा जलकुंभी से ढका हुआ है, जिससे नौकायन और पर्यटन योजनाओं पर भी संकट गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार प्रशासन द्वारा झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर परियोजनाएं चलाई गई थीं। इसके तहत सफाई, जल संरक्षण, सौंदर्यीकरण और नौकायन जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई थी। लेकिन मौजूदा स्थिति में झील में फैली जलकुंभी और गंदगी ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि भारी बजट खर्च होने के बावजूद झील की स्थिति क्यों नहीं सुधर सकी। साथ ही जलकुंभी हटाने और झील को फिर से व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी योजना तैयार करने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि बड़खल झील फरीदाबाद की पहचान रही है, लेकिन लंबे समय से इसकी अनदेखी की जा रही है। उनका मानना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो पर्यटन और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार जलकुंभी तेजी से फैलने वाला पौधा है, जो पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देता है और जलीय जीवन को प्रभावित करता है। फिलहाल प्रशासन झील की स्थिति सुधारने के लिए आगे की रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है।
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