जाट सेवक संघ की मीटिंग में हंगामा, यशपाल मलिक मुद्दे पर दो गुट भिड़े
हरियाणा के हिसार में जाट सेवक संघ की बैठक उस समय विवाद और हंगामे में तब्दील हो गई, जब संगठन के नेतृत्व को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। बैठक में यशपाल मलिक को पद से हटाने के फैसले पर संघ के दो गुट आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैठक की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन जैसे ही नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा उठाया गया, दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई। एक गुट ने यशपाल मलिक को हटाने के फैसले का समर्थन किया, जबकि दूसरा गुट इसके विरोध में खड़ा नजर आया। बहस के दौरान नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले।
इस बीच संघ से जुड़े नेता बल्हारा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह किसी भी स्थिति में कोई पद ग्रहण नहीं करेंगे। उनके इस ऐलान के बाद बैठक में मौजूद लोगों में और अधिक चर्चा शुरू हो गई। बल्हारा का कहना था कि संगठन की एकता सबसे अहम है और किसी भी तरह का पद या जिम्मेदारी विवाद की वजह नहीं बननी चाहिए।
हंगामे के कारण बैठक का एजेंडा अधूरा रह गया। कई वरिष्ठ सदस्यों ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में आयोजकों को बैठक स्थगित करनी पड़ी। बैठक स्थल पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी मौजूद रही, ताकि हालात बेकाबू न हों।
संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह विवाद लंबे समय से अंदर ही अंदर चल रहा था, जो अब खुलकर सामने आ गया है। आने वाले दिनों में जाट सेवक संघ की कार्यप्रणाली और नेतृत्व को लेकर बड़े फैसले हो सकते हैं।
इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि संगठन के भीतर मतभेद गहरे हो चुके हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे चलकर दोनों गुटों के बीच समझौता होता है या यह विवाद और ज्यादा तूल पकड़ता है।
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