कैथल में कार्रवाई, SP बोलीं—शिकायत की जगह सोशल मीडिया का सहारा लिया
कैथल में DSP पर धमकाने के आरोप लगाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब संबंधित कर्मी ने अपनी शिकायत विभागीय स्तर पर देने के बजाय सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सार्वजनिक कर दी थी।
जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने बयान जारी करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में शिकायत दर्ज कराने और जांच कराने की स्पष्ट प्रक्रिया होती है। यदि किसी कर्मचारी को किसी अधिकारी से शिकायत है तो उसे निर्धारित चैनल के माध्यम से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर आरोप लगाने से न केवल विभाग की छवि प्रभावित होती है, बल्कि अनुशासनात्मक ढांचे पर भी असर पड़ता है।
बताया जा रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल ने एक पोस्ट में DSP पर दबाव और धमकाने के आरोप लगाए थे। यह पोस्ट वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए जांच शुरू की और अंततः बर्खास्तगी का निर्णय लिया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में यह देखा गया कि संबंधित कर्मी ने आंतरिक शिकायत तंत्र का उपयोग नहीं किया था। SP ने कहा कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की सार्वजनिक बयानबाजी से पहले नियमों का पालन आवश्यक है।
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि आरोपों की स्वतंत्र जांच भी होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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