एटीएम पर मदद का बहाना बना चालाक योजना — Panipat
हाल ही में एक नए तरीके की ठगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो अलग-अलग पीड़ितों के साथ लगभग एक ही पैटर्न में वारदात हुई — सड़क या एटीएम के बाहर मदद के बहाने किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका ध्यान भटकाया और तुरंत बाद एटीएम मशीन या पॉइंट-ऑफ-सेल पर गलत कार्ड स्वैप कर दिया गया। जब पीड़ितों ने बाद में बैलेंस चेक किया तो उनके खातों से कुल मिलाकर 73,000 रुपए की अनधिकृत निकासी दर्ज मिली।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने तुरंत एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि वारदात को अंजाम देने वाले लोग एक साथ काम कर रहे थे — एक व्यक्ति पीड़ित को उलझाने का काम करता और दूसरा इससे मौका पाकर कार्ड बदल देता। बैंक के अधिकारियों को भी घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है और वे ट्रांजैक्शन ट्रेस कर पैसे की वापसी तथा संबंधित खातों को ब्लॉक कराने में मदद कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया है कि सीसीटीवी से संदिग्धों की पहचान के प्रयास जारी हैं और आसपास के एटीएम-नेटवर्क व शाखाओं से भी फुटेज मांगी गई है। यदि किसी भी व्यक्ति के पास घटना के समय का रिकॉर्ड या मोबाइल वीडियो हो तो उसे पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह किया गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम पर किसी अजनबी की मदद लेते समय सावधानी बरतें, अपने कार्ड और पिन को किसी के साथ साझा न करें, और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत बैंक को कॉल कर कार्ड ब्लॉक कराएं। अगर किसी ने ऐसी कोई घटना देखी हो तो तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को सूचना दें ताकि सीसीटीवी फुटेज के जरिए हमलावरों की पहचान की जा सके।
यह तरीका पहले से रिपोर्ट किए गए ‘कार्ड स्वैप’ और ‘डिस्ट्रैक्शन‘ मॉडस ओपेरेन्डी से मेल खाता है, इसलिए ग्राहकों को सतर्क रहने और डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। जांच जारी है और पुलिस ने बैंक व साइबर टीम के साथ समन्वय बढ़ा दिया है।
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