साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नारनौल पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। साइबर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पंजाब के एक निजी बैंक में कार्यरत शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को जालंधर स्थित उसके कार्यस्थल से हिरासत में लिया गया, जिसके बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार मामला एक व्यक्ति के मोबाइल फोन के हैक होने और उसके बाद हुई संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद साइबर विशेषज्ञों और जांच अधिकारियों ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मामले की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिसके आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पीड़ित के मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच बनाकर उसके बैंकिंग और अन्य संवेदनशील डाटा का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी की कथित भूमिका की गहन जांच की जा रही है और सभी तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
जालंधर में कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी को उसके ड्यूटी स्थल से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए संबंधित जांच अधिकारियों के समक्ष पेश किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं और साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा है।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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