सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों क्षेत्र में रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एवीटी स्टाफ ने दो आरोपियों को काबू किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ढाबा संचालक से हफ्ता मांगने और तोड़फोड़ की घटना में शामिल आरोपी हथियारों के साथ इलाके में आने वाले हैं। उप पुलिस अधीक्षक जींद ऋषभ सौढी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि एवीटी स्टाफ के इंचार्ज यशवीर सिंह अपनी टीम के साथ नाकाबंदी पर तैनात थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि तपन निवासी कुरड (हाल निवासी नई अनाज मंडी, सफीदों) और गोवर्धन उर्फ बंटी निवासी ऐंचरा खुर्द, जो पहले रंगदारी और तोड़फोड़ के मामले में वांछित हैं, अपनी गाड़ी में सवार होकर बरवाला की ओर से ईक्कस बाईपास होते हुए सफीदों की तरफ आ रहे हैं। सूचना के अनुसार दोनों आरोपियों के पास हथियार भी मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत रणनीति बनाकर ईक्कस बाईपास के पास रजबाहा क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर बाद संदिग्ध गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक ने गाड़ी मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी रजबाहा किनारे लगे सीमेंट के साइन बोर्ड से टकराकर रुक गई। गाड़ी रुकते ही दोनों आरोपी बाहर निकलकर भागने लगे। इसी दौरान एक आरोपी ने दूसरे को आवाज लगाते हुए कहा, “तपन, सामने पुलिस है, गोली चला।” इसके बाद तपन ने अपने पास मौजूद पिस्तौल से सीधे एवीटी इंचार्ज यशवीर सिंह पर फायर कर दिया। गोली यशवीर सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। पुलिस ने आरोपियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया, लेकिन उन्होंने दोबारा हथियार लोड करने की कोशिश की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एवीटी इंचार्ज यशवीर सिंह ने आत्मरक्षा में आरोपी के पैर की ओर फायर किया, जबकि उप निरीक्षक मनोज ने हवाई फायर किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तपन के पैर में गोली लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर गया और पुलिस ने उसे काबू कर लिया। घायल आरोपी के पास से .315 बोर की पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं दूसरा आरोपी गोवर्धन उर्फ बंटी भागने की कोशिश में था, जिसे पुलिस टीम ने पीछा कर पकड़ लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना सदर जींद में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। घायल आरोपी तपन को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल जींद में भर्ती करवाया गया है, जबकि गोवर्धन से पूछताछ जारी है। गौरतलब है कि दोनों आरोपी 25 मई को अपने 6-7 अन्य साथियों के साथ मिलकर पानीपत-सफीदों रोड स्थित बादल सैनी ढाबा पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने ढाबा संचालक से 10,000 प्रति माह रंगदारी की मांग की थी। जब ढाबा मालिक ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने ढाबे में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान उन्होंने फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरे, फ्रिज और एलईडी टीवी को नुकसान पहुंचाया था। इस घटना के बाद ढाबा मालिक शुभम सैनी निवासी वार्ड नंबर 8, सफीदों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था और तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
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