खरीद प्रक्रिया में तकनीक और नए नियम लागू
Haryana में रबी सीजन के दौरान किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके साथ ही फसल खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए कई नए प्रावधान भी लागू किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन कदमों से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और मंडियों में खरीद प्रक्रिया पहले से अधिक व्यवस्थित होगी।
इस बार गेहूं खरीद के दौरान किसानों को गेटपास जारी करने के लिए जियो-फेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत किसान जब मंडी के निर्धारित क्षेत्र में पहुंचेंगे, तभी उन्हें डिजिटल गेटपास जारी किया जाएगा। इससे फर्जी एंट्री और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार यह प्रणाली खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ समय की भी बचत करेगी।
इसके अलावा सरसों की खरीद को लेकर भी टोकन प्रणाली में बदलाव किया गया है। पहले किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब टोकन वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि किसानों को मंडियों में अधिक समय तक नहीं रुकना पड़े। नई व्यवस्था के तहत टोकन जारी करने और फसल की तौल के समय में बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि रबी सीजन में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंडियों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। खरीद केंद्रों पर साफ-सफाई, पेयजल, शेड और अन्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर सुविधा देना और खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए अपनी फसल मंडियों में लाएं, ताकि खरीद कार्य सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
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