ग्रामीण इलाकों में सप्लाई धीमी, उपभोक्ताओं ने उठाई आवाज
महेंद्रगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए करीब 45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। खासकर गांवों में रहने वाले परिवारों को इस समस्या का ज्यादा सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गैस बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं हो रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पाता। इस कारण लोगों को मजबूरी में वैकल्पिक ईंधन जैसे लकड़ी या चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि गैस की सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उनका कहना है कि बुकिंग और डिलीवरी के बीच का समय कम किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में गांवों में गैस वितरण को कम प्राथमिकता दी जा रही है। इससे असंतोष बढ़ रहा है और लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि समस्या की जांच की जा रही है और सप्लाई को सुचारु बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही व्यवस्था में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
यह स्थिति दर्शाती है कि बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता में अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां समय पर सेवाएं पहुंचाना बेहद जरूरी है।
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