हरियाणा के झज्जर जिले में किसानों को लेकर दिए गए एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह के एक कथन पर किसान संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे किसानों का अपमान बताया है। बयान में उन्होंने कहा कि किसान अपने ट्रैक्टरों पर महंगे साउंड सिस्टम लगवा सकते हैं, लेकिन नंबर प्लेट नहीं लगाते, जो नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।
इस टिप्पणी के सामने आते ही विभिन्न किसान संगठनों में नाराजगी फैल गई। किसानों का कहना है कि इस तरह के बयान उनकी छवि को गलत तरीके से पेश करते हैं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं। कई किसान नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान करार देते हुए माफी की मांग की है।
किसानों का यह भी कहना है कि वे पहले ही कई तरह की आर्थिक और प्राकृतिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की टिप्पणियां उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। उनका मानना है कि प्रशासन को किसानों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि इस तरह के बयान देकर विवाद बढ़ाने की।
वहीं, प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। राजनीतिक दल भी इस विवाद में कूद पड़े हैं और इसे लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को सोच-समझकर बयान देना चाहिए, ताकि समाज के किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों। फिलहाल झज्जर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
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