कुरुक्षेत्र की अनाज मंडी में गेहूं खरीद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। किसान यूनियन ने आरोप लगाया है कि खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं, जिससे स्थानीय किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यूनियन के अनुसार, रातोंरात बाहरी राज्यों से लाई गई फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा गया, जबकि स्थानीय किसानों की फसल मंडी में पड़ी रह गई। इस आरोप ने मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसानों का कहना है कि बिना गेट पास के ही फसल को मंडी में एंट्री दी गई, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। आमतौर पर मंडी में फसल लाने के लिए गेट पास अनिवार्य होता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर रात के समय फसल की एंट्री और खरीदारी की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया है।
किसान यूनियन ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, मंडी प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर किसानों के बीच असंतोष को बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत की फसल के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
![]()











