मानहानि से जुड़े एक मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता Sukhbir Singh Badal चंडीगढ़ की अदालत में निर्धारित पेशी पर उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील की ओर से अदालत को बताया गया कि वह पंजाब से बाहर होने के कारण पेश नहीं हो सके।
यह मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है और इसमें कई बार सुनवाई हो चुकी है। अदालत ने पूर्व में भी उनकी गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। इसके बावजूद लगातार अनुपस्थिति पर अदालत का रुख सख्त बना हुआ है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपियों की नियमित उपस्थिति न्यायिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि बिना ठोस कारण के पेशी से अनुपस्थित रहना उचित नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में बार-बार अनुपस्थिति से आरोपी की स्थिति कमजोर हो सकती है। अदालत ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने का अधिकार रखती है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि अदालत इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट निर्देश दे सकती है।
वहीं, राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विरोधी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि उनके पास अनुपस्थित रहने के उचित कारण रहे होंगे।
फिलहाल मामला अदालत में लंबित है और आगामी सुनवाई में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना
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