हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) कर्मचारियों के प्रमोशन से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत अब विभागों में कर्मचारियों की संख्या और प्रतिनिधित्व की गणना अलग तरीके से की जाएगी, ताकि आरक्षित वर्ग को उचित अवसर मिल सके और लंबित कमी (शॉर्टफॉल) को पूरा किया जा सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव लंबे समय से चल रही मांगों और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पहले की व्यवस्था में कई विभागों में आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व निर्धारित मानकों से कम रह जाता था, जिससे प्रमोशन के अवसर प्रभावित होते थे। अब नई प्रणाली के जरिए प्रत्येक विभाग में वास्तविक संख्या का आकलन कर पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक संतुलित बनाया जाएगा।
नई नीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को उनकी निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार प्रमोशन मिल सके। इसके लिए विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों का विस्तृत डेटा तैयार करें और जहां भी कमी पाई जाए, उसे प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल कर्मचारियों में संतोष बढ़ेगा, बल्कि कार्यस्थल पर समान अवसर का माहौल भी मजबूत होगा। हालांकि, कुछ वर्गों ने इस बदलाव पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दी हैं और इसे लेकर चर्चा जारी है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप किया गया है और इसका उद्देश्य सभी वर्गों के बीच संतुलन बनाए रखना है। आने वाले समय में इस नीति के प्रभाव का आकलन भी किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर इसमें और सुधार किए जा सकें।
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