चंडीगढ़ में पुलिस ने इंटरस्टेट हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में शामिल दो इंस्पेक्टरों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए डीजीपी द्वारा फर्स्ट क्लास सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान गिरोह के कब्जे से 14 पिस्तौल और 15 कारतूस बरामद किए गए। जांच में सामने आया है कि ये हथियार विभिन्न राज्यों से लाकर अपराधियों तक पहुंचाए जाने वाले थे। पुलिस को इनपुट मिला था कि एक सक्रिय नेटवर्क बड़े स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा है, जिसके बाद विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि यह हथियार कुख्यात बंबीहा और लकी गैंग तक पहुंचाए जाने थे। समय रहते कार्रवाई होने से संभावित बड़ी वारदात को टाल दिया गया। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन का पता लगाया जा सके।
इस सफल ऑपरेशन में इंस्पेक्टर सेखों और जसपाल की भूमिका अहम रही, जिन्होंने सूचनाओं के आधार पर रणनीति बनाकर गिरोह को पकड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी इसी कार्यकुशलता को देखते हुए डीजीपी ने उन्हें फर्स्ट क्लास सर्टिफिकेट से सम्मानित किया।
पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
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