हरियाणा के Rewari में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें बुजुर्ग दंपती को तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 1.89 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर दंपती से संपर्क किया और उन्हें किसी गंभीर मामले में फंसने का भय दिखाया। इसके बाद उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” में होने का झांसा दिया गया, जिसमें कहा गया कि वे जांच पूरी होने तक किसी से संपर्क नहीं कर सकते। इस मनोवैज्ञानिक दबाव के चलते दंपती पूरी तरह उनके प्रभाव में आ गए।
आरोपियों ने दंपती को अपनी संपत्ति बेचने के लिए भी मजबूर किया और उससे मिली रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाया। धीरे-धीरे करीब 1.89 करोड़ रुपये आरोपियों के खातों में पहुंच गए। जब दंपती को शक हुआ, तब उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कहां-कहां सक्रिय हैं और क्या उन्होंने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीके से ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठे जाते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है
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