करनाल जिले के एक गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब विदेश में हादसे का शिकार हुए युवक का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। परिवार के सदस्य और ग्रामीण पार्थिव देह के पहुंचते ही भावुक हो उठे। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और नम आंखों से युवक को अंतिम विदाई दी गई।
जानकारी के अनुसार, युवक बेहतर भविष्य और रोजगार की उम्मीद लेकर विदेश गया था। परिवार ने उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए काफी संघर्ष और प्रयास किए थे। बताया जा रहा है कि वह अवैध रास्तों से विदेश पहुंचा था और वहां काम की तलाश में रह रहा था। इसी दौरान एक सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
युवक की मौत के बाद परिजनों ने पार्थिव देह को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की। कई औपचारिकताओं और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद शव को गांव लाया गया। जैसे ही पार्थिव देह गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था और गांव के लोगों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की।
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने दिवंगत युवक को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को ढांढस बंधाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने कहा कि युवक मेहनती और मिलनसार स्वभाव का था तथा बेहतर जीवन के सपने लेकर विदेश गया था।
इस घटना ने एक बार फिर विदेश जाने के जोखिम भरे और अवैध रास्तों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को कानूनी और सुरक्षित माध्यमों से ही विदेश जाने का प्रयास करना चाहिए ताकि इस प्रकार की दुखद परिस्थितियों से बचा जा सके।
फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग दिवंगत युवक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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