यमुनानगर में एक सार्वजनिक स्थल पर स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना से क्षेत्र में तनाव और रोष का माहौल बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है।
जानकारी के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। सुबह जब स्थानीय लोगों ने प्रतिमा की स्थिति देखी तो उन्होंने तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि समाज की भावनाओं से जुड़ा विषय है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के बाद सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं समाज के सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक होती हैं। ऐसे में इनके साथ छेड़छाड़ या तोड़फोड़ की घटनाएं लोगों की भावनाओं को आहत करती हैं।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और संदिग्धों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषियों को जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की एक अन्य घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं।
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