रेवाड़ी में मतदाता सूची को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पांच कमरों के मकान में 257 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि इन लोगों के बीच किसी प्रकार का पारिवारिक संबंध नहीं बताया जा रहा, बावजूद इसके सभी का पता एक ही मकान दर्ज है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन और चुनाव विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार संबंधित मकान की जांच के लिए अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन मकान बंद मिला। इसके बाद पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मकान सामान्य आकार का है और उसमें इतने लोगों का रहना संभव नहीं माना जा रहा। ऐसे में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी या फर्जी पते के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतने अधिक मतदाताओं के नाम एक ही पते पर कैसे दर्ज हुए। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मतदाता सूची का दोबारा सत्यापन कराया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित बूथ स्तर अधिकारियों से भी जवाब मांगा जा सकता है। मामले ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में चर्चा का विषय बना दिया है।
फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी ने गलत जानकारी देकर नाम जुड़वाए हैं तो उनके नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।
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