चंडीगढ़ में वर्ष 2022 में हुए स्नैचिंग मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया, जबकि दूसरे आरोपी को दोषी करार दिया गया। इस केस में शिकायतकर्ता के अपने बयान से पलट जाने के बावजूद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
जानकारी के अनुसार घटना वर्ष 2022 में हुई थी, जब शिकायतकर्ता से स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले के बाद पुलिस ने जांच करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस तैयार किया।
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता अदालत में अपने पहले दिए गए बयान से पीछे हट गया। इससे केस की दिशा प्रभावित हुई, लेकिन अभियोजन पक्ष ने अन्य साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपनी दलीलें जारी रखीं। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया।
कोर्ट ने एक आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया। वहीं दूसरे आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोषी ठहराया गया। बताया जा रहा है कि दोषी आरोपी इस मामले में पहले ही करीब 9 महीने जेल में रह चुका है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में गवाहों के बयान बदलने से जांच और सुनवाई पर असर पड़ता है, लेकिन अदालत उपलब्ध दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी फैसला दे सकती है।
फिलहाल अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए आरोपी की सजा को लेकर आगे की प्रक्रिया जारी है। मामले का फैसला आने के बाद यह केस फिर चर्चा में आ गया है।
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