चंडीगढ़ में रेहड़ी-फड़ी और स्ट्रीट वेंडर्स से जुड़े विवाद को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जीआरडीआरसी (GRDRC) और टाउन वेंडिंग कमेटी के चेयरपर्सन सहित तीन अधिकारियों को पेश होने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में मेयर से भी कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, शहर में रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले वेंडर्स के पुनर्वास, लाइसेंस और हटाने की कार्रवाई को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। कई वेंडर्स और संगठनों ने आरोप लगाया था कि नियमों का पालन किए बिना कार्रवाई की जा रही है और उनके अधिकारों की अनदेखी हो रही है। इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने पूछा था कि टाउन वेंडिंग नीति को सही तरीके से लागू क्यों नहीं किया जा रहा और स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकारों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अब आज की सुनवाई में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगे जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक, अदालत मेयर से भी शहर में वेंडिंग जोन, अतिक्रमण और पुनर्वास नीति को लेकर सवाल कर सकती है। मामले को लेकर रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले लोगों में भी चिंता बनी हुई है, क्योंकि सुनवाई का असर हजारों वेंडर्स की आजीविका पर पड़ सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा और सभी आवश्यक दस्तावेज पेश किए जाएंगे। वहीं वेंडर्स संगठनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अदालत उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उचित फैसला देगी।
आज की सुनवाई को चंडीगढ़ प्रशासन और स्ट्रीट वेंडर्स दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आगे की नीति और कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है।
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