चंडीगढ़ में पार्किंग व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर के विभिन्न पार्किंग स्थलों से हो रहे संभावित राजस्व नुकसान और अनियमितताओं को रोकने के लिए अब हर पार्किंग साइट की रोजाना निगरानी की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे आय में पारदर्शिता आएगी और संचालन व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार सभी पार्किंग स्थलों से जुड़े रिकॉर्ड की लगातार समीक्षा की जाएगी। इसके तहत पिछले एक महीने के राजस्व डेटा की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पार्किंग से होने वाली कमाई, टिकटिंग व्यवस्था और भुगतान रिकॉर्ड का बारीकी से निरीक्षण किया जाए ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जा सके।
सूत्रों के मुताबिक कई स्थानों पर अपेक्षित आय नहीं मिलने और रिकॉर्ड में अंतर पाए जाने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अब प्रत्येक स्थल की रिपोर्ट नियमित रूप से तैयार की जाएगी और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही तय करनी होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
निगम का कहना है कि शहर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाना और राजस्व प्रणाली को मजबूत करना प्राथमिकता है। इसके लिए तकनीकी निगरानी और डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। आने वाले समय में पार्किंग प्रबंधन में नई व्यवस्था लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
शहरवासियों का मानना है कि यदि निगरानी व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो पार्किंग सेवाओं में सुधार देखने को मिल सकता है। साथ ही अवैध वसूली और अनियमितताओं पर भी रोक लगेगी। प्रशासन अब इस पूरे सिस्टम को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
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