हरियाणा के नूंह जिले में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत की जमीन को खाली कराया। प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल और मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची, जहां कथित अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बना रहा।
जानकारी के अनुसार पंचायत की जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन ने जांच के बाद संबंधित स्थान को खाली कराने का निर्णय लिया। बुलडोजर की मदद से निर्माण हटाए गए और जमीन को पंचायत के कब्जे में वापस लेने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत चलाया गया।
हालांकि कार्रवाई के बाद कुछ लोगों ने प्रशासन पर पक्षपात के आरोप भी लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में अन्य स्थानों पर भी कब्जे हैं, लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच सरपंच के पति की ओर से दावा किया गया कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश के आधार पर की गई है और प्रशासन केवल उसी निर्देश का पालन कर रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी सरकारी या पंचायत भूमि पर अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से सरकारी संपत्ति पर कब्जा न करने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे चयनात्मक कार्रवाई बताया। फिलहाल क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
![]()











