590 करोड़ रुपये के चर्चित घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मामले में अब एक वरिष्ठ IAS अधिकारी की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान मिले मोबाइल फोन डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिसके बाद अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों ने हाल ही में दो अधिकारियों से करीब चार घंटे तक लंबी पूछताछ की। इस दौरान वित्तीय लेनदेन, फाइल मूवमेंट और कथित डील से जुड़े कई सवाल पूछे गए। जांच टीम को शक है कि घोटाले में बड़े स्तर पर मिलीभगत हुई और सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाया गया।
सूत्रों का दावा है कि मोबाइल फोन से प्राप्त चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहे हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर कई अधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में कथित तौर पर मोटी रकम के लेनदेन और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की भी चर्चा है।
जांच एजेंसियां अब दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं। यदि सबूत मजबूत पाए गए तो आने वाले दिनों में कई बड़े नामों पर कार्रवाई हो सकती है। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
यह मामला सामने आने के बाद सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और क्या इस मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आते हैं।
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