Faridabad में जनगणना कार्य को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि कई कर्मचारी केवल औपचारिकता निभाते हुए सीमित सवाल पूछकर सर्वे पूरा कर रहे हैं, जबकि संसाधनों और संपत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सही तरीके से दर्ज नहीं की जा रही। इस पर जिला उपायुक्त (डीसी) ने नाराजगी जताते हुए लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
प्रशासन के अनुसार जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें परिवारों की आर्थिक स्थिति, संसाधनों, आवास, सुविधाओं और अन्य सामाजिक जानकारी का भी विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अधूरी या गलत जानकारी भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को प्रभावित कर सकती है।
बैठक के दौरान डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारियों को निर्धारित सभी बिंदुओं पर सही और विस्तृत जानकारी जुटानी होगी। उन्होंने कहा कि कई जगहों से शिकायत मिली है कि कर्मचारी सिर्फ कुछ सामान्य सवाल पूछकर सर्वे पूरा दिखा रहे हैं। इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
प्रशासन ने सर्वे टीमों को दोबारा प्रशिक्षित करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों को फील्ड में जाकर जांच करने और रिकॉर्ड का सत्यापन करने को कहा गया है। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वे सही जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि सरकारी आंकड़े सटीक तैयार हो सकें।
जनगणना से जुड़े आंकड़े सरकारी योजनाओं, बजट और विकास परियोजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में प्रशासन किसी भी प्रकार की अनियमितता को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में जनगणना कार्य की निगरानी और सख्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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