हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिल्ली दौरे के दौरान उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों और उद्यमियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के प्रभाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेष रूप से मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बने हालात का असर व्यापार और उद्योगों पर पड़ रहा है, जिसे देखते हुए सरकार उद्योगों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
बैठक में फ्रेट लागत, निर्यात से जुड़ी चुनौतियां और आधुनिक टेस्टिंग इक्विपमेंट की जरूरत जैसे विषय प्रमुख रूप से उठाए गए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए सहायता योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि फ्रेट और टेस्टिंग उपकरणों से संबंधित खर्चों पर सब्सिडी देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, ताकि उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम किया जा सके।
उद्यमियों ने भी सरकार के सामने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएं और सुझाव रखे। चर्चा के दौरान निवेश को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और निर्यात क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है और नई नीतियों के जरिए निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर भारतीय उद्योगों पर भी पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा राहत और प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करना औद्योगिक क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
फिलहाल उद्योग जगत सरकार की आगामी नीतियों और सब्सिडी संबंधी फैसलों पर नजर बनाए हुए है। माना जा रहा है कि इन कदमों से राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।
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