प्रदूषण पर सख्ती, जांच टीम की कार्रवाई में फैक्ट्रियों में मिली अनियमितताएं

1
Rewari Factory Raid

हरियाणा के रेवाड़ी जिले में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी की कार्रवाई की। संयुक्त जांच टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर से केमिकल युक्त पानी खुले में बहता पाया गया, जिससे आसपास के पर्यावरण और जल स्रोतों पर खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालन से जुड़े दस्तावेजों और पर्यावरण संबंधी मानकों की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित इकाइयों के पास जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) उपलब्ध नहीं था। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए दोनों फैक्ट्री संचालकों को नोटिस जारी किए और जवाब मांगा है।

अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई फैक्ट्री बिना अनुमति या सुरक्षा मानकों के संचालन करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम ने यह भी देखा कि रासायनिक पानी के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ रही थी।

स्थानीय लोगों ने भी लंबे समय से क्षेत्र में प्रदूषण और गंदे पानी की शिकायतें उठाई थीं। उनका कहना है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले रसायनों के कारण आसपास के वातावरण और स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद लोगों ने उम्मीद जताई है कि अब प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर निगरानी और सख्ती बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण सुरक्षा के नियमों का पालन बेहद जरूरी है। बिना उपचार के रासायनिक पानी को खुले में छोड़ना जल और मिट्टी दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और आगे की कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Loading