महेंद्रगढ़ में साइन बोर्ड लगाने को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोपों ने स्थानीय प्रशासन और राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। उपप्रधान प्रतिनिधि प्रवीण यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मामले की जांच शुरू होने से पहले ही रातों-रात पुराने साइन बोर्ड हटाकर नए बोर्ड लगा दिए गए।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग इसे एक संभावित घोटाले के रूप में देख रहे हैं। आरोप है कि साइन बोर्ड लगाने में नियमों की अनदेखी की गई और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को छिपाने के लिए जल्दबाजी में बदलाव किया गया।
प्रवीण यादव का कहना है कि जैसे ही जांच की संभावना सामने आई, संबंधित स्थानों पर तेजी से पुराने बोर्ड हटाकर नए बोर्ड लगा दिए गए, जिससे सवाल उठता है कि आखिर किस उद्देश्य से यह बदलाव किया गया। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्षी और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि भी इस मामले को गंभीर बताते हुए पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो यह सरकारी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की जांच कराई जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच के बाद सच्चाई स्पष्ट होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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