कोर्ट की सख्ती से प्रशासन घिरा, आदेशों की अनदेखी पर जवाब देने का अधिकार खत्म

10
Chandigarh Administration

चंडीगढ़ प्रशासन की लापरवाही पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्व में लगाए गए जुर्माने की राशि समय पर जमा नहीं की गई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना हुई है। इसी को देखते हुए अदालत ने प्रशासन का जवाब दाखिल करने का अधिकार समाप्त कर दिया है।

मामला एक ऐसी याचिका से जुड़ा है, जिसमें निर्धारित समय सीमा के बाद दस्तावेज दाखिल किए गए थे और इसके लिए देरी माफी की मांग की गई थी। अदालत ने पहले प्रशासन को राहत देते हुए जुर्माना जमा कराने का निर्देश दिया था, लेकिन तय समय के भीतर राशि जमा नहीं कराई गई। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन सभी पक्षों के लिए अनिवार्य है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि बार-बार अवसर देने के बावजूद आदेशों का पालन नहीं किया गया। इसके चलते प्रशासन को आगे जवाब दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब देरी माफी की अर्जी पर अदालत एकतरफा सुनवाई करेगी और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर फैसला लिया जाएगा।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का यह रुख सरकारी संस्थाओं के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अदालतें समय-समय पर यह स्पष्ट करती रही हैं कि कानून के समक्ष सभी पक्ष समान हैं और आदेशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।

इस फैसले के बाद संबंधित मामले में प्रशासन की स्थिति कमजोर मानी जा रही है। अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां देरी माफी याचिका पर अंतिम निर्णय सामने आ सकता है।

Loading