नहर परियोजना के विरोध में एकजुट हुए ग्रामीण: पानी के भविष्य को लेकर जताई चिंता

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Canal Lining Protest

रोहतक में नहर को पक्का करने की प्रस्तावित योजना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। उनका कहना है कि नहर के पक्कीकरण से क्षेत्र के भूजल स्तर और पेयजल उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में गंभीर जल संकट पैदा होने की आशंका है।

धरने में शामिल लोगों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत नहर से रिसने वाला पानी आसपास के भूजल स्रोतों को recharge करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि नहर को पूरी तरह पक्का कर दिया गया तो जमीन में पानी का प्राकृतिक रिसाव कम हो जाएगा, जिसका असर गांवों के कुओं, हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों पर पड़ सकता है। इसी चिंता को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध दर्ज करा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि परियोजना पर पुनर्विचार किया जाए और स्थानीय लोगों की राय को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का भी गंभीरता से अध्ययन होना चाहिए। ग्रामीणों का दावा है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जा सकता है।

दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है और जनहित को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाएंगे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से संवाद बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है।

यह मुद्दा अब केवल एक निर्माण परियोजना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और ग्रामीण संसाधनों के भविष्य से जुड़ी बड़ी बहस का रूप ले चुका है। फिलहाल धरना जारी है और ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।

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