पंचकूला के बहुचर्चित भूमि प्रकरण में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई का दायरा और विस्तृत कर दिया है। करोड़ों रुपये मूल्य की अटैच जमीन की कथित बिक्री के मामले में राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों पर कानूनी दबाव बढ़ता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ तीसरी और दूसरे अधिकारी के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मामला उस जमीन से जुड़ा है, जिसे पहले से ही अटैच किया गया बताया गया था। आरोप है कि कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद संबंधित भूमि का सौदा कर दिया गया और उसे करोड़ों रुपये में बेच दिया गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जमीन के लेनदेन की प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया था या नहीं तथा इसमें किन-किन अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका रही।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवादित जमीन का सौदा लगभग 7.87 करोड़ रुपये में किए जाने का आरोप है। इसी को लेकर जांच एजेंसियां दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य संबंधित फाइलों की गहन पड़ताल कर रही हैं। मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर अलग-अलग चरणों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को जांच से बाहर नहीं रखा जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला प्रदेश के चर्चित भूमि विवादों में शामिल हो चुका है और इसकी जांच पर सभी की नजर बनी हुई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अटैच संपत्ति से जुड़े मामलों में नियमों का उल्लंघन गंभीर विषय माना जाता है, इसलिए जांच के निष्कर्ष आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल संबंधित एजेंसियां रिकॉर्ड की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित पक्षों से पूछताछ में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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