हिसार में नर्सिंग स्टाफ और एक वरिष्ठ पदाधिकारी के बीच बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। नर्सिंग कर्मचारियों ने कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि बयान से पूरे नर्सिंग समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंची है, जिसके चलते वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं।
धरने पर बैठे नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और उनके योगदान को लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दिए गए बयान से नर्सिंग पेशे की छवि प्रभावित हुई है और इससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है।
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने संबंधित पदाधिकारी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं, बल्कि अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कई कर्मचारी संगठनों ने नर्सिंग स्टाफ के समर्थन में आवाज उठाई है, जबकि कुछ पक्षों ने संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाने की सलाह दी है।
फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों पक्षों के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में बातचीत और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति किस दिशा में जाती है, यह देखने वाली बात होगी।
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