पुरूषोत्तम मास में 30 साल बाद आ रही है सोमावती अमावस्या : संजीव गौतम
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्त्व वाले नागक्षेत्र सरोवर पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद तथा श्री नागक्षेत्र सुधार समिति के संयुक्त तत्वावधान में 15 जून, सोमवार को प्रातः काल आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 5 बजे से होगी, जिसमें स्नान, ध्यान, हवन तथा तीर्थ परिक्रमा जैसे धार्मिक अनुष्ठान शामिल रहेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष संजीव गौतम ने बताया कि इस बार की सोमवती अमावस्या विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दुर्लभ संयोग लगभग 30 वर्षों के बाद बन रहा है। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास और ज्येष्ठ मास के संयोग में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व अत्यंत अधिक होता है। इस अवसर पर नागक्षेत्र सरोवर में 5 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ संपन्न कराया जाएगा। संजीव गौतम ने बताया कि सोमवती अमावस्या भगवान शिव को अत्यंत प्रिय मानी जाती है। इस दिन किए गए स्नान, दान, जप, तप और हवन का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पितरों के लिए किए गए कार्य इस दिन अत्यधिक फलदायी होते हैं। श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे इस दिन प्रातः सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल पर स्नान करें और अपने पितरों के निमित्त जल अर्पित करें। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पूर्वज हमें सदैव सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। उन्हें किसी भौतिक वस्तु की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि वे केवल हमारी श्रद्धा और भावनाओं से ही प्रसन्न होते हैं। इसलिए इस पावन अवसर पर पितरों का स्मरण करना और उन्हें जलांजलि देना अत्यंत आवश्यक है। संजीव गौतम ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस दुर्लभ और पावन अवसर को व्यर्थ न जाने दें और अधिक से अधिक संख्या में नागक्षेत्र सरोवर पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
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