हरियाणा रोडवेज की बसों में डिजिटल भुगतान के जरिए टिकट जारी करने की बहुप्रतीक्षित योजना अभी तक धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सकी है। यात्रियों को बसों में UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों से टिकट भुगतान की सुविधा देने की घोषणा के बावजूद इसका क्रियान्वयन अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है।
राज्य सरकार और परिवहन विभाग का उद्देश्य यात्रियों को नकदी रहित, तेज और सुविधाजनक टिकटिंग प्रणाली उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को खुले पैसे की समस्या से राहत मिल सकती है, वहीं टिकटिंग प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बन सकती है।
हालांकि योजना के क्रियान्वयन में लगातार हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय स्तर पर बताया जा रहा है कि प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते परियोजना को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। अधिकारियों के स्थानांतरण और विभिन्न स्तरों पर बदलाव को भी देरी का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से यात्रियों के अनुभव में सुधार आएगा। इसके अलावा विभाग को भी राजस्व प्रबंधन, डेटा विश्लेषण और टिकटिंग निगरानी में मदद मिलेगी। देश के कई राज्यों में ऐसी प्रणालियां पहले से सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
यात्रियों का कहना है कि वर्तमान समय में अधिकांश लोग डिजिटल भुगतान का उपयोग करते हैं, ऐसे में बसों में भी यह सुविधा जल्द शुरू होनी चाहिए। खासकर लंबी दूरी और दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों को इससे काफी सुविधा मिल सकती है।
विभाग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि योजना को जल्द लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं पर काम जारी है। तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने और संचालन संबंधी तैयारियों के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
फिलहाल रोडवेज यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग सुविधा का इंतजार है। योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
![]()











