हरियाणा के करनाल में जिला परिषद की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिला परिषद चेयरपर्सन प्रवेश राणा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। मतदान के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में 17 वोट पड़े, जिसके बाद उन्हें चेयरपर्सन पद से हटना पड़ा।
अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद जिला परिषद के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी वाइस-चेयरपर्सन को सौंप दी गई है। अब आगे की प्रक्रिया संबंधित नियमों और प्रावधानों के अनुसार पूरी की जाएगी।
बैठक के दौरान जिला परिषद के सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदान कराया गया और बहुमत मिलने पर अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही प्रवेश राणा का कार्यकाल चेयरपर्सन के रूप में समाप्त हो गया।
इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दल और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस फैसले को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। हालांकि जिला परिषद की कार्यवाही नियमानुसार संपन्न कराई गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिला परिषद के कामकाज में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए अंतरिम व्यवस्था के तहत वाइस-चेयरपर्सन को जिम्मेदारी दी गई है। आगे नए चेयरपर्सन के चयन या अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार पूरी की जाएंगी।
करनाल जिला परिषद में हुए इस राजनीतिक बदलाव को स्थानीय राजनीति की महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का असर जिले की राजनीतिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है।
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