करनाल में इंटरकास्ट लव मैरिज पर युवती-अनिरुद्धाचार्य के बीच सवाल-जवाब, कथावाचक बोले- शादी कर ली है तो अब रिश्ता निभाओ; वीडियो वायरल

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Aniruddhacharya

करनाल : हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी में आयोजित कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की कथा के दौरान एक युवती और उनके बीच इंटरकास्ट लव मैरिज को लेकर हुई बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा में है। नीलोखेड़ी की रहने वाली युवती ने बताया कि उसने दूसरी जाति के युवक से प्रेम विवाह किया है, लेकिन उसका परिवार इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहा। उसने कथावाचक से पूछा कि अब वह अपने पति और परिवार के बीच संबंध कैसे सामान्य करे।

युवती ने बताया कि वह ब्राह्मण परिवार से है और करीब चार साल से एक निजी संस्थान में नौकरी कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया। युवती के मुताबिक युवक अनुसूचित जाति से है। जब उसने अपनी मां के सामने उसी युवक से शादी करने की इच्छा जताई तो परिवार ने इसका विरोध किया।

युवती का दावा है कि उसकी मां उसे एक दिन ऑफिस से घर ले आईं और उसका मोबाइल फोन ले लिया। इसके बाद करीब एक महीने तक उसे घर से बाहर जाने और नौकरी पर जाने की अनुमति नहीं दी गई। युवती का कहना था कि उसने परिवार को युवक से मिलने और उसे समझने का मौका देने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।

युवती के मुताबिक बाद में उसने युवक से शादी कर ली। अब उसके परिवार के लोग चाहते हैं कि वह पति को छोड़कर वापस घर आ जाए, जबकि वह अपने पति के साथ रहने के साथ मायके से भी रिश्ता बनाए रखना चाहती है। उसकी इच्छा है कि परिवार उसके विवाह को स्वीकार करे।

इस पर अनिरुद्धाचार्य ने धार्मिक मान्यताओं और विवाह से जुड़ी परंपराओं का उल्लेख करते हुए युवती के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विवाह का फैसला करने से पहले व्यक्ति, उसके परिवार, संस्कार और भविष्य के बारे में अच्छी तरह जानना चाहिए। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने ‘पानी पियो छानकर और विवाह करो जानकर’ जैसी बात कही।

सवाल-जवाब के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने प्रेम को लेकर कुछ तीखी टिप्पणियां भी कीं। उन्होंने कहा कि केवल आकर्षण को प्रेम नहीं माना जाना चाहिए और विवाह जैसे फैसले सोच-विचार के बाद लेने चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रेम करने से पहले ‘आधार कार्ड देखने’ वाली टिप्पणी भी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

कथावाचक ने युवती की मां का पक्ष रखते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों की परवरिश, शिक्षा और भविष्य के लिए लंबे समय तक मेहनत करते हैं, इसलिए जीवन के बड़े फैसलों में उनकी भावनाओं को भी समझने का प्रयास किया जाना चाहिए।

हालांकि बातचीत के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने युवती को पति छोड़ने की सलाह नहीं दी। उन्होंने कहा कि अब विवाह हो चुका है तो उसे अपने पति के साथ वैवाहिक जीवन निभाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उन्होंने युवती को अपनी मां और परिवार से दोबारा बातचीत कर संबंध सुधारने की सलाह दी।

युवती ने भी स्पष्ट किया कि वह अपने परिवार से रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती। वह चाहती है कि परिवार उसके पति को स्वीकार करे और दोनों पक्षों के बीच संबंध सामान्य हों।

बातचीत में अनिरुद्धाचार्य ने संविधान और अपनी धार्मिक व्याख्या के बीच अंतर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान अपनी पसंद से विवाह करने की स्वतंत्रता देता है, जबकि धार्मिक परंपराओं में विवाह को लेकर अलग मान्यताएं बताई गई हैं। उनके धार्मिक विचार उनका अपना दृष्टिकोण हैं।

भारत में वयस्क व्यक्ति को कानून के दायरे में अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार है। जाति अलग होना अपने आप में विवाह को अवैध नहीं बनाता। ऐसे मामलों में पारिवारिक या धार्मिक असहमति अलग विषय हो सकती है।

युवती और अनिरुद्धाचार्य के बीच हुई इस लंबी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो के अलग-अलग हिस्सों को लेकर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

तरावड़ी में अनिरुद्धाचार्य की कथा 11 सितंबर तक आयोजित की जानी है। कार्यक्रम का आयोजन शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी रमेश गुप्ता और अमन गुप्ता की ओर से किया जा रहा है।

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