जालसाजी केस में रोशनी बिश्नोई को 6 अक्टूबर तक पेश होने का मौका, अग्रिम जमानत हो चुकी खारिज; कोर्ट में तामील रिपोर्ट पेश

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Roshni Bishnoi Case

गुरुग्राम/हिसार : हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल की बेटी रोशनी बिश्नोई से जुड़े कथित धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। गुरुग्राम कोर्ट में शनिवार, 5 सितंबर को रोशनी बिश्नोई को पेश होने के लिए जारी सार्वजनिक नोटिस की तामील रिपोर्ट पेश की गई। अदालत ने उन्हें 6 अक्टूबर 2026 तक व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समय दिया है। इससे पहले 25 अगस्त को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।

गुरुग्राम के न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार सिंह की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि रोशनी बिश्नोई की पेशी से संबंधित सार्वजनिक नोटिस उनके पते और कोर्ट परिसर में चस्पा किया जा चुका है। मामले की जांच से जुड़े SIT प्रमुख एवं एसपी सिद्धार्थ ढांडा की ओर से भी अदालत में लिखित जवाब दाखिल किया गया है, जिस पर 21 सितंबर को सुनवाई होनी है।

अदालत ने रोशनी बिश्नोई को 6 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अवसर दिया है। तय तारीख तक पेश नहीं होने की स्थिति में कानून के तहत उन्हें घोषित अपराधी घोषित करने और संपत्ति से संबंधित आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। फिलहाल मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

इसी बीच भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के विदेश जाने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। वह इस बार हिसार में आयोजित पारंपरिक जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। कार्यक्रम के बैनर पर उनकी तस्वीर लगी हुई थी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री अरविंद शर्मा ने मंच से बताया कि कुलदीप बिश्नोई जरूरी काम के चलते विदेश गए हुए हैं।

कार्यक्रम में कुलदीप बिश्नोई के भाई दुड़ाराम और बेटे भव्य बिश्नोई सहित अन्य नेता मौजूद रहे। रोशनी बिश्नोई से जुड़े मामले की कोर्ट सुनवाई के आसपास कुलदीप की विदेश यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर हो रही हैं, लेकिन उनकी यात्रा का इस कानूनी मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले कुलदीप बिश्नोई द्वारा रक्षाबंधन पर बहन रोशनी बिश्नोई के साथ सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट और तस्वीरें बाद में हटाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि पोस्ट हटाने के पीछे की वजह को लेकर उनकी ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मामला गुरुग्राम के सेक्टर-14 थाने में दर्ज FIR से जुड़ा है। शिकायतकर्ता धर्मवीर बिश्नोई ने रोशनी बिश्नोई और उनके पति अनूप बिश्नोई पर कथित तौर पर मृत व्यक्तियों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनका इस्तेमाल संपत्ति के लेन-देन में करने के आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर-23 और 23ए में उसके पिता सुनील और चाचा संदीप कुमार के प्लॉट थे। संदीप कुमार की 1 जुलाई 2004 को मौत हो चुकी थी। आरोप है कि उनकी मृत्यु के कई साल बाद उनके नाम से जुड़े प्लॉट के ट्रांसफर के लिए कथित फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संदीप कुमार की जगह किसी अन्य व्यक्ति को पेश कर पजेशन सर्टिफिकेट और NOC हासिल की गई। इसके बाद कथित फर्जी हलफनामे और दूसरे दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2017 में प्लॉट की कन्वेंस डीड कराकर उसे नीलम सिक्का, अशोक कुमार और राज कुमार सिक्का के नाम ट्रांसफर कराया गया।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि मृतक संदीप कुमार के नाम पर तैयार किए गए पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस में अलग-अलग व्यक्तियों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा कथित फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित प्रावधानों के तहत जांच शुरू कर रखी है। शिकायत में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोप साबित हुए हैं, ऐसा इस स्तर पर नहीं कहा जा सकता।

अब इस मामले में 21 सितंबर की सुनवाई और 6 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत के आदेश और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी।

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