हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 3 दिन और बढ़ी, अब 9 सितंबर तक काम बंद; 13 को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय पंचायत

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Haryana Sanitation Workers Strike

करनाल : हरियाणा में नगर पालिका सफाई कर्मचारियों का आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। हरियाणा नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार ने रविवार को करनाल पहुंचकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने घोषणा की कि मांगों को लेकर चल रही हड़ताल को तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। अब कर्मचारी 7, 8 और 9 सितंबर को भी हड़ताल पर रहेंगे।

करनाल में धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नरेश कुमार ने राज्य सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को दबाने के लिए कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, नौकरी से हटाने के नोटिस दिए जा रहे हैं और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

नरेश कुमार ने करनाल के दो कर्मचारियों कुलदीप और रोहित की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों कर्मचारियों को नियमित किया जाना था, लेकिन नौकरी से संबंधित अनिश्चितता और नोटिसों के कारण वे दबाव में थे। उन्होंने इन मौतों के लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि यह कर्मचारी संगठन का आरोप है और दोनों मौतों के कारणों को लेकर किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है।

राज्य प्रधान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमित किए जाने की है। उनका कहना है कि सरकार को कर्मचारियों को पक्का करने के लिए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 13 मई को 17 मांगों को लेकर हुए फैसलों को लागू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और जब तक समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन ने हड़ताल के बाद आंदोलन के अगले चरण की रूपरेखा भी घोषित की है। नरेश कुमार के मुताबिक 10, 11 और 12 सितंबर को जन पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। इनमें रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), व्यापारी संगठनों, मजदूर-कर्मचारी संगठनों, वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से समर्थन मांगा जाएगा।

इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत आयोजित करने की योजना है। संगठन का दावा है कि इसमें प्रदेशभर से कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। नरेश कुमार ने कहा कि इस पंचायत के माध्यम से सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के मुद्दे पर भी कर्मचारी संघ ने अपना रुख स्पष्ट किया। नरेश कुमार ने कहा कि कर्मचारी HKRN के तहत जाने के बजाय नियमित नियुक्ति की मांग पर कायम हैं। उनके मुताबिक HKRN स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है और कर्मचारियों की मांग उन्हें पक्का करने की है।

नरेश कुमार ने दावा किया कि कर्मचारियों को नियमित करने का वादा लंबे समय से किया जाता रहा है, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।

इस दौरान उन्होंने मंत्री कृष्ण बेदी की ओर से नियमित किए जाने की मांग छोड़ने से संबंधित कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और सरकार की नीति की आलोचना की।

हड़ताल बढ़ने के बाद अब 9 सितंबर तक कई नगर निकायों में सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने की आशंका है। वहीं कर्मचारी संगठन 10 सितंबर से जन पंचायतों के जरिए अपने आंदोलन को सामाजिक और अन्य कर्मचारी संगठनों तक ले जाने की तैयारी कर रहा है।

करनाल : हरियाणा में नगर पालिका सफाई कर्मचारियों का आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। हरियाणा नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार ने रविवार को करनाल पहुंचकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने घोषणा की कि मांगों को लेकर चल रही हड़ताल को तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। अब कर्मचारी 7, 8 और 9 सितंबर को भी हड़ताल पर रहेंगे।

करनाल में धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नरेश कुमार ने राज्य सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को दबाने के लिए कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, नौकरी से हटाने के नोटिस दिए जा रहे हैं और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

नरेश कुमार ने करनाल के दो कर्मचारियों कुलदीप और रोहित की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों कर्मचारियों को नियमित किया जाना था, लेकिन नौकरी से संबंधित अनिश्चितता और नोटिसों के कारण वे दबाव में थे। उन्होंने इन मौतों के लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि यह कर्मचारी संगठन का आरोप है और दोनों मौतों के कारणों को लेकर किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है।

राज्य प्रधान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमित किए जाने की है। उनका कहना है कि सरकार को कर्मचारियों को पक्का करने के लिए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 13 मई को 17 मांगों को लेकर हुए फैसलों को लागू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और जब तक समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन ने हड़ताल के बाद आंदोलन के अगले चरण की रूपरेखा भी घोषित की है। नरेश कुमार के मुताबिक 10, 11 और 12 सितंबर को जन पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। इनमें रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), व्यापारी संगठनों, मजदूर-कर्मचारी संगठनों, वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से समर्थन मांगा जाएगा।

इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत आयोजित करने की योजना है। संगठन का दावा है कि इसमें प्रदेशभर से कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। नरेश कुमार ने कहा कि इस पंचायत के माध्यम से सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के मुद्दे पर भी कर्मचारी संघ ने अपना रुख स्पष्ट किया। नरेश कुमार ने कहा कि कर्मचारी HKRN के तहत जाने के बजाय नियमित नियुक्ति की मांग पर कायम हैं। उनके मुताबिक HKRN स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है और कर्मचारियों की मांग उन्हें पक्का करने की है।

नरेश कुमार ने दावा किया कि कर्मचारियों को नियमित करने का वादा लंबे समय से किया जाता रहा है, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।

इस दौरान उन्होंने मंत्री कृष्ण बेदी की ओर से नियमित किए जाने की मांग छोड़ने से संबंधित कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और सरकार की नीति की आलोचना की।

हड़ताल बढ़ने के बाद अब 9 सितंबर तक कई नगर निकायों में सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने की आशंका है। वहीं कर्मचारी संगठन 10 सितंबर से जन पंचायतों के जरिए अपने आंदोलन को सामाजिक और अन्य कर्मचारी संगठनों तक ले जाने की तैयारी कर रहा है।

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