रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री ने प्रभावशाली लोगों और कथित भूमि विवादों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समूह को अपनी ताकत के दम पर आम लोगों के अधिकारों का हनन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कानून सभी के लिए समान है और प्रशासन को निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में एक गली को बंद करने के पीछे संगठित हितों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। उनका कहना था कि इस तरह के मामलों में आम नागरिकों को परेशान किया जाता है और सार्वजनिक सुविधाओं पर कब्जे की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी प्रकार की दबंगई, मनमानी या प्रभाव का गलत इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि किसी सार्वजनिक रास्ते या गली को अवैध रूप से बाधित किया गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ तत्व ऐसे विवादों को बढ़ावा देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम में विपक्षी दल के कुछ लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच के जरिए सच्चाई सामने लाने की बात कही।
कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने भी क्षेत्र की समस्याओं को उठाया और समाधान की मांग की। वहीं राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद नई चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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