हरियाणा के जींद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सिविल अस्पताल परिसर में छापेमारी करते हुए CMO कार्यालय से जुड़े एक चालक को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, मामला एक दिव्यांग प्रमाण पत्र के नवीनीकरण से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रमाण पत्र के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बदले उससे धनराशि की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की योजना बनाई।
इसके बाद अधिकारियों ने नियमानुसार जाल बिछाकर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि जैसे ही आरोपी ने कथित रूप से रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए।
घटना के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में उनसे अनुचित लाभ या धनराशि की मांग की जाती है तो इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का भी आश्वासन दिया गया है।
फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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